आपका परिचय

मंगलवार, 22 नवंबर 2011

अविराम विस्तारित

।।सामग्री।।

ताँका : डॉ. सुधा गुप्ता
हाइकु :  के.एल.दीवान  एवं   आचार्य राधेश्याम सेमवाल 

।।ताँका।।
डॉ. सुधा गुप्ता




 {हाइकु व ताँका की सुप्रसिद्ध की कवयित्री डॉ. सुधा गुप्ता जी का ताँका संग्रह ‘सात छेद वाली मैं’ इसी वर्ष प्रकाशित हुआ है। उनके इसी संग्रह से प्रस्तुत हैं कुछ खूबसूरत ताँका।}

1.
सुनो जी कान्हा!
सात छेद वाली मैं
ख़ाली ही ख़ाली
तूने अधर धरी
सुरों की धार बही
2.
बाँस की पोरी
निकम्मी, खोखली मैं
बेसुरी, कोरी
तूने फूँक जो भरी
बन गई ‘बाँसुरी’
3.
कोई न गुन
दो टके का न तन
तूने छू दिया
रेखांकन : डॉ. सुरेन्द्र वर्मा 
कान्हा! निकली धुन
लो, मैं ‘नौ लखी’ हुई
4.
छम से बजी
राधिका की पायल
सुन के धुन
दौड़ पड़ी गोपियाँ
उफनी है कालिन्दी
5.
तेर ही जादू
दूध पीना भूला है
गैया का छौना
चित्र-से मोर, शुक
कैसा ये किया टोना

  • 120 बी/2, साकेत, मेरठ (उ.प्र.)


।।हाइकु।।

के.एल.दीवान

 



पाँच हाइकु
1.
हैं नादान ये
रोशनी की खेज में
आग बांटते
2.
रेखांकन : विज्ञान व्रत 
देखा तुझे तो
लगा गुलाब खिला
कांटों के बीच
3.
बिगुल बजा
अंधेरों के खिलाफ़
जंग छेड़ दे
4.
हमने सौंपी
आने वाले कल को
तारीख़ काली
5.
हमने सौंपी
आने वाले कल को
तारीख़ काली
  • ज्ञानोदय अकादमी, 8, निर्मला छावनी, हरिद्वार-249401 (उत्तराखण्ड)

आचार्य राधेश्याम सेमवाल
 






चार  हाइकु
1.
न करो क्रोध
बेटी है प्रकृति की
विश्वास बोध।
2.
होता है भूखा
पुरुष विजय का
नारी प्रेम की।
3.
नर की दृष्टि
होती है नारियों की
रेखांकन : डॉ सुरेन्द्र वर्मा
अन्तर-दृष्टि।
4.
कभी मौन ही
वाणी से अधिक
होता मुखर।
  • एम-57, शिवलोक कालोनी, फेज-3, हरिद्वार (उ.खण्ड)

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